तेरे नाम से हम जी रहे है,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम से हम जी रहे है,

तेरा साया सवारियां बहुत है,

तेरी एक नजर ही सांवरिया मेरे जीने को ये बहुत है,

गुस्ताखियां मैंने तो श्याम अनजाने में की तो बहुत है,

माफ़ करना है तेरी इनायत दिल तेरा जो बड़ा बहुत है,

यु तो सो बरसो की ज़िंदगानी कहने को तो होती बहुत है,

तेरी मेहर जो हो पल भर भी वो पल ही जीवन का बहुत है,

तेरे नाम से हम जी रहे है,

तेइ चौकठ पे नित नित आ के भगत करते तो विनती बहुत है,

पुकारे जो प्रेम से तुझको एक बूंद ही रस की बहुत है,

तेरे नाम से हम जी रहे है,

मोतियों फूलो की माला तेरे दर पे तो चढ़ती बहुत है,

श्रद्धा से चढ़ा एक फूल तेरे गिरबा के लिए बहुत है,

रुक सांसे निकले जो दम है ऐसे मरने वाले तो बहुत है,

तुझे देख जो खुद को ढाये ऐसे मरने में मजा बहुत है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।