मैं क्या बताऊँ कितनी कमी हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं क्या बताऊँ कितनी कमी हैं तेरे बगैर,

दुनिया उदास लगने लगी हैं तेरे बगैर,

‘आजा’ ‘आजा’ ‘आजा’ ‘आजा’

आजा के आज जशन महोबत की शाम हैं,

महफ़िल तमाम सुनी पड़ी हैं तेरे बगैर,

मैं क्या बताऊँ..............

दामन भीगों दिया हैं तेरे इंतजार में,

आँखों में आंसुओ की लड़ी हैं तेरे बगैर,

मैं क्या बताऊँ.................

दिल का अकेलापन कही पागल बना ना दे,

तन्हाई अब तो रोने लगी हैं तेरे बगैर,

प्यारे मैं क्या बताऊँ....................

जो बात दिल से निकलती हैं, वो असर करती हैं,

जो बात जुबान नही करती, वो नजर करती हैं,

( लाडला पवन वर्मा )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।