हारे का सहारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो भर जब सूंड रही, हरि गज ने पुकारा है,

झूठी दुनियादारी, यही सच्चा सहारा है ॥

झूठे रिश्ते नाते, स्वारथ में भरे पाते,

जब वक्त पड़े तो ये, कोई काम नहीं आते,

जो भर जब सूंड रही, हरि गज ने पुकारा है,

झूठी दुनियादारी, यही सच्चा सहारा है,

हारे का सहारा है, हमें प्राणों से प्यारा है,

यह माटी का तन है, बचपन चाहे योवन है,

जो श्याम शरण आया, जीवन वही जीवन है,

मन वाणी शुद्ध करो, बहे नाम की धारा है,

झूठी दुनियादारी, यही सच्चा सहारा है,

हारे का सहारा है, हमें प्राणों से प्यारा है,

भक्तन भयहारी है, सच्चा सुख कारी है

कैसे नैया डूबे, रक्षक गिरधारी है

निज भक्तों का साथी, वो नंद दुलारा है,

झूठी दुनियादारी, यही सच्चा सहारा है,

हारे का सहारा है, हमें प्राणों से प्यारा है,

हम श्याम दीवाने है, श्याम मस्ती में रहते हैं

जब कोई मुसीबत हो, इसको ही कहते हैं,

मुरली "पंकज" की नैया को, इसने ही संवारा है,

झूठी दुनियादारी, यही सच्चा सहारा है,

हारे का सहारा है, हमें प्राणों से प्यारा है,

Singer - Pankaj pareek

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।