रंग रंगीला छैल छबीला सवारियां सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रंग रंगीला छैल छबीला सवारियां सरकार,

विनती बाराम बार करू मैं आ जाओ एक बार,

एक झलक दर्शन की देदो और न कुछ मैं चाहु,

उम्र बितादू इन चरणों में तेरा गन बस गाउ,

बांसुरियां की तान सुना दे मैं उस में खो जाऊ,

सोना चांदी धन दौलत की मुझको नहीं दरकार,

विनती बाराम बार करू मैं आ जाओ एक बार,

जीवन देने वाले आज क्यू न प्रीत निभाए,

तुझको पाने भक्तो की याद कभी ना आये,

रह ना सकती तेरे बिना बा कैसे तुम्हे समजाए,

रंग सभी फीके है तुझ बिन फीके है ये मनोहर,

विनती बाराम बार करू मैं आ जाओ एक बार,

ऐसा लागे जन्म जनम का रिश्ता तेरा मेरा,

श्याम तुझपे ही ख़त्म करू और तुझपे ही हो सवेरा,

चार दिनों की ये ज़िंदगानी चार दिनों का बसेरा,

तू जो नहीं तो लेहरी अपना जीना है बेकार,

विनती बाराम बार करू मैं आ जाओ एक बार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।