सालासर के बाला तेरे देर पे आया है सवाली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तारीफ़ तेरी निकली है दिल से झोली भरदे सालासर वाले,

सालासर के बाला तेरे देर पे आया है सवाली,

लब पे दुआए, आँखों में आंसू, दिल में उमीदें, पर झोली खाली ॥

सालासर के बाला तेरे देर पे आया है सवाली,

तू बाला जग से न्यारा मिटा दे कस्ट सारा,

हमे संकट ने गेरा प्रभु देदो सहरा ,

सुने फरयाद सबकी तुह्जे है याद सबकी,

पराया कोई छोटा नही मायूस लोटा,

सभी कष्टों को तूने मार पल में भगाया,

तेरी शक्ति को जानती है सारी दुनिया,

करदे मुरदे तू सबकी पूरी मेरी भी सुन ले पर झोली खाली,

सालासर के बाला तेरे देर पे आया है सवाली

बड़ी है शक्ति तुझमे बड़ी है भक्ति मुझमे,

तुझे सब मानते है तेरा घर जानते है चले आते है दोरहे,

जो कुछ किस्मत है थोरे ये हर राही की मंजिल ये हर कश्ती का साहिल,

जिसने सबने निकला उसे तूने संभाला,

तू बिशरो को मिलाये भुजे दीपक जलाये,

तेरे कर्म से खुशिया है पाई,

तूने मेरे किस्मत सवारी,

सालासर के बाला तेरे देर पे आया है सवाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।