ओ पर्वत उठाने वाले बाबा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ओ पर्वत उठाने वाले बाबा मेरा दुःख भी उठा ले ने,

ओ मेरे नैनं बरसे नीर बाबा मेरी जान बचाले,

मैं संकट की मार रे बाबा,

देख मेरी लाचारी बाबा,

मैं रोती फिरू बाबा मेरी पीड़ उठा ले,

ओ पर्वत उठाने वाले बाबा

अर्जी तेरी बाबा ठाक के दरी है,

जोत बाला जी तेरी करि है,

मेरा संकट मिटा बाबा कर दे दया मेरे गम की दवा दे,

ओ पर्वत उठाने वाले बाबा......

सवा मणि तेरी मैं भी लगाउ,

लाल लंगोटा बाबा तेरा चड़ाउ,

मेरी डोल रही मजधार नैया पार लगदे रे,

ओ पर्वत उठाने वाले बाबा....

ॐ प्रकाश ने संग ले आउ,

राजू पे बाबा तेरा कीर्तन करवाऊ,

कल राज मेहर भी तेरी बड़ाई रंग बरसादे रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।