डंका बजता है तेरी जग में शान निराली

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

वैष्णो देवी नैना देवी जय हो तेरी महाकाली,

डंका बजता है तेरी जग में शान निराली,

भक्तो का यु उधार करन ने वैष्णो रूप बनाया,

दुष्टो का संगार करन ने काली रूप धराया,

मनसा चंडी हरिद्वार में कलकत्ते में काली,

डंका बजता है तेरी जग में शान निराली,

सुसटयोग जवाला माता जय हो तेरी माँ नैना,

छिन्मस्तिका कहलते देवी चामुंडा तेरी भेहना,

एक शक्ति से रूप अनेका जग में रचना डाली,

डंका भजता है तेरी जग में शान निराली,

दुर्गा माँ में शीतला महिमा जल में बाला सुंदरी,

पान सुपारी भोग पेड़े का भेट है नारियल चुनरी,

भर भर झंडा लहराता तीली में झंडेवाली,

डंका बजता है तेरी जग में शान निराली,

हरयाणा के जिला हिसार में भण भोरी मैं भरमारि,

कह हरी ॐ परचा वाला गया मैं तेरे राम्री,

महिमा तेरी गाना चहु हाथ में कलम उठा ली,

डंका बजता है तेरी जग में शान निराली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।