मेरी पकड़ लियो माँ बहिया बालक तेरा सु

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी शेरोवाली मैया मेरी पार लगा दे नैया ,

मेरी पकड़ लियो माँ बहिया बालक तेरा सु,

बालक पन से तेरी भक्ति का शौंक हुआ है जयदा,

कब होंगे दर्शन मुझको ये मन का इरादा,

पका करले अब वादा तेरी चरण में जो भी आया उसका काम सुहाया,

मन तेरी आस लगाई और सच्चे दिल से धयई,

मेरी करले बात सुनाई बिपता में गेरा हु,

मेरी पकड़ लियो माँ बहिया बालक तेरा सु,

जब संकट पे आवे भक्तो पे आप आप संभालो,

भर देती खुशाल जीवन में जब तुम दुःख को टालो,

लाड प्यार से तुम पालो,

चारो तरफ दुनिया में मैया बाजे डंका तेरा,

देना अपनी शरण में डेरा मने खूब भरोसा तेरा,

मुझ सब बातो का बेरा मैं बालक तेरा हु,

मेरी पकड़ लियो माँ बहिया बालक तेरा सु,

धर्म की रक्षा करने वाली लाखो करोडो नाम तेरे,

इस भारत में पवन शक्ति पीठ है मैया धाम तेरे,

चरणों में धरते ध्यान तेरे,

कही कालका जवाला मनसा चंडी वैष्णो नैना,

तेरे दर पे आउ मैं हर पल तुझको दयऊ,

मेरा जीवन सफल बनाऊ बेटा तेरा हु,

मेरी पकड़ लियो माँ बहिया बालक तेरा सु,

ससरस्वति माँ नमन तुझे माँ कंठ मेरे में वास करो,

अन्धकार से दूर करो माँ हिरदय में प्रकाश करो,

मीठे स्वर का वास भरो,

मेरे मन की आस मैया जी खूब करू गुणगान,

तेरा केहरियो में पुजारी दो हाथ टिका महारानी,

मेरे जीवन उझारी मैं बेटा तेरी हु,

मेरी पकड़ लियो माँ बहिया बालक तेरा सु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।