मैंने श्रद्धा से जोत जगाई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैंने श्रद्धा से जोत जगाई महारानी मेरे घर आई,

तेरे बिन शाया था अँधेरा रोशन कर दिया जीवन मेरा,

डूब रही थी जीवन नैया मिल ना रहा था कोई खवैया,

मेरी नैया है पार लगाई महारानी मेरे घर आए,

जनम जन्म से आस लगी थी तेरे दर्शन की प्यास लगी थी,

आकर संकट दूर किया है माँ ने ये उपकार किया है,

मैं तो घर घर भाँतु मिठाई महारानी मेरे घर आए,

दामन खुशियों से भर डाला ऐसी है माँ मेरी जवाला,

दवार तेरा मैं ना छोड़ू गा झूठे बंधन सब तोडू गा,

मेरे मन में तुहि है समाई महारानी मेरे घर आए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।