फागुन आने में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फागुन आने में अभी बाकि है महीने चार,

जन्मदिन आया है आएगा अब तो नया साल,

नहीं कर सकती मैं और एक पल भी इंतज़ार

आज ही बुलाले भुलाले मुझे ओ बाबा खाटू धाम,

श्याम तेरी नगरियां न्यारी न्यारी है याद सातवे जो वो तेरी सूरत प्यारी है,

भूलता क्यों नहीं आने को है दिल बेकरार,

मेरा वश चले तो मैं ट्रैन की घाटी लू रफ़्तार,

घाटे खाटू के लू ओ महीना पूरा लू गुजार,

होली खेल लौटू ओ जिसका मुझको इंतज़ार,

ओ बाबा हो.......

श्याम तेरे झाड़े में है ऐसा चमत्कार हारे को जीतादे तू ऐसा लाख दातार,

दुरी एक पल की मुझसे अब सही ना जाये,

काश बाजे गाजे से बाबा तू मुझ को खाटू भुलाये,

खाटू के मेले में नाचन खुदना को हम आये,

बाबा राखी की अबके अर्जी मानी जाए,

ओ बाबा हो.......

फागुन आने में अभी बाकि है महीने चार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।