जहा माँ बाप से घर में बुरा वेहवार होता है

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॥ पावन पाठ ॥

जहा माँ बाप से घर में बुरा वेहवार होता है,

वह वो घर नहीं होता नर्क का दवार होता है,

अदव से बात करने का सलीका भी नहीं आता,

बेटा बाप के सिर पे तनी तलवार होता है,

जहा माँ बाप से घर में बुरा वेहवार होता है,

अगर दुद्कार की भाषा बेटा बोलता हो तो,

वो कड़वा बोल गोली सा जिगर के पार होता है,

जहा माँ बाप से घर में बुरा वेहवार होता है,

कमर टूटी फटी बाहे उम्र परिवार को देदी,

भूड़ापा सुख में काट जाये बाप का अधिकार होता है,

जहा माँ बाप से घर में बुरा वेहवार होता है,

जो अच्छे संस्कारो में पले हो सबपे होते है,

उन्हें माँ बाप में भगवान का दीदार होता है,

जहा माँ बाप से घर में बुरा वेहवार होता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।