साड़े वेहड़े विच पैन लिशकारे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साड़े वेहड़े विच पैन लिशकारे के साड़े घर राम आ गये,

कदी वेहड़े टपा टपा मैं चुबारे के साड़े घर राम आ गये,

सुनके आवाज़ मेरी आत्मा वी डोली है,

मेरे घर उतरी आज सन्ता दी टोली है,

मैं ता वेख रहिया अजब नज़ारे के साड़े घर राम आ गये

साड़े वेहड़े ......

आज साड़े वेहड़े विच सतगुरु आये,

रेहमता ते खुशियाँ दा मीह बरसाये,

आज हो रही तेरी जय जयकार के साड़े घर राम आ गये,

साड़े वेहड़े ......

आत्मा मेरी ने आज वर घर पाया है,

मुदता दा विश्डिया राम घर आया है,

मेरे जाग पाए भाग सितारे के साडे घर राम आ गये.

साड़े वेहड़े .......

गुरु महाराज मेरा बड़ा बेमिसाल है,

निवा निवा झोला उसदा जलवा कमाल है,

सारी संगत बोले जय जयकारे,

के साड़े घर राम आ गये,

साड़े वेहड़े .......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।