दिल दीवाना ना जाने कब हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल दीवाना ना जाने कब हो गया,

जबसे तुमको देखा में तो खो गया,

में खो गया कुछ हो गया कुछ हो गया मेरे श्याम.....

हारे का तू साथी है मोरछडी तेरे हाथ है,

जग से है जो हार गया उसका तुमे साथ दिया,

हर पल तेरे ख्वाब आने लगा ये कैसा नशा छाने लगा,

कुछ हो गया कुछ खो गया....

ग्यारस की ये रात है भजनों की बरसात है,

गाये एसे आज हम भक्त नाचे झूम कर,

ये सिलसिला यूँ ही चले दर पे तेरे हम आते रहे हो,

कुछ हो गया कुछ खो गया....

बिखरु इसे आज में इस चोखट पर टूट कर,

हाय एसे फ़र्स पे सीसा गिरे टूट कर,

मोहित कहे क्या हो गया ये दिल तेरा दीवाना हो गया,

कुछ हो गया कुछ खो गया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।