नोकर मैं हु तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मालिक है तू मेरा और नोकर मैं हु तेरा,

अब हाथ मेरे सिर पर धर,

चाहे जितनी तनखा पर दूर ना चरणों से कर,

तुझसे ना मांगू तो बाबा और कहा जाऊ,

तेरे होते किसी और से क्यों मैं मांगके खाऊ,

सुबह शाम तेरी करू चाकरी क्यों मैं भटकू दर दर,

चाहे जितनी दे तनखा पर दूर न चरणों से कर,

नोकर हु मैं तेरा..........

कुछ सालो के बाद तो बाबा मिलता है परमोशन,

पर अब तक बड़ी न तनखा बड़ने को है टेंशन,

कर कर सेवा उम्र बीत गई अब तो ज़रा दया कर,

चाहे जितनी दे तनखा पर दूर न चरणों से कर,

नोकर हु मैं तेरा..........

उठा के अब परिवार का भोज कमर टूट गई सारी

महंगाई भी राम सिंह अब ले रही जान हमारी,

सुन ले अब तो सेठ संवारा थक गया धीरज धर कर,

चाहे जितनी दे तनखा पर दूर न चरणों से कर,

नोकर हु मैं तेरा..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।