मेरा कस के पकड लो हाथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कस के पकड लो हाथ,

छुडाऊ तो छुड़ाया नही जाए,

जब तक जीवन मेरा श्यामा ना बदले,

बदले से पहले मेरे तन से प्राण निकले,

मेरे सेर पर रखदो हाथ हटाऊ तू हटाया नही जाए,

मेरा कस के पकड लो हाथ....

समय ना निकालू जो मैं तेरी बंदगी का,

आखिर दिन हो कान्हा मेरी ज़िन्दगी का,

मेरे दिल पर लिख तेरा नाम मिटाऊ तो मिटाया नही जाये,

मेरा कस के पकड लो हाथ,........

तमना है मिलने की मिलने के बाद भी,

साथ रहना चाहता हु मरने के बाद भी,

ये दिल किसी और के साथ लगाऊ तो लगाया नही जाये,

मेरा कस के पकड लो हाथ,

तूने हर कदम पे मेरा साथ दिया है,

साथ दिया है मेरा नाम किया है,

तूने इतना दिया मुझको चुकाऊ टी चुकाया नही जाये,

मेरा कस के पकड लो हाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।