हे पूर्णकाम कृष्णा हे देवकी के प्यारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे पूर्णकाम कृष्णा, हे देवकी के प्यारे,

वसुदेव के दुलारे तुम जेल में पधारे,

मुबारक तुम्हें हो जन्माष्टमी,

हे पूर्णकाम कृष्णा...........

मथुरा में जन्म लेके, गोकुल पसंद आया,

माँ आपकी यशोदा, तुम्हें नंद प्यार भाया,

तुम्हें नंद प्यार भाया,

तुम विश्व के हो नायक, तुम प्राण हो हमारे,

मुबारक तुम्हें, हो जन्माष्टमी, हाय मुबारक तुम्हें,

माखन का चोर बनकर, सखियों का चित चुराया,

फिर छेड़ तान मुरली, संसार को रिझाया,

संसार को रिझाया,

नित कृष्ण-कृष्ण कहके, सारा जगत पुकारे,

मुबारक तुम्हें हो जन्माष्टमी,

हे पूर्णकाम कृष्णा, हे देवकी के प्यारे,

वसुदेव के दुलारे, तुम जेल में पधारे,

मुबारक तुम्हें, हो जन्माष्टमी, मुबारक मुबारक तुम्हें,

(गीतरचना- अशोक कुमार खरे)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।