देखो तो ज़रा सोचो तो जरा,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखो तो ज़रा सोचो तो जरा,

दास खड़ा तेरी और निहारे,

देखो तो ज़रा सोचो तो जरा,

समाये का मारा हु वक़्त से हारा हु,

अभी हु गरद छुए मैं टुटा तारा हु ,

बिशड ना जाऊ हाथ हमारा पकड़ो तो ज़रा,

भक्तो की गिनती काम न हो सोचो तो ज़रा,

देखो तो ज़रा सोचो तो जरा,

अगर में घबराया अगर मैं मुरझाया ,

सम्बल नहीं पाउँगा जो तूने ठुकराया,

तुम मालिक तुम रक्षक मेरे तुम बिन कौन मेरा,

बीच बावर में नाव फसी है थामो तो ज़रा,

देखो तो ज़रा सोचो तो जरा......

शरण में आये जो आंसू झलकाये जो,

प्रेम से भाव से श्याम को रिजाये जो झोली भर देते हो उसकी जो है शरण पड़ा,

शरण में पड़ा है कब से देखो दास तेरा

देखो तो ज़रा सोचो तो जरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।