हाथ उठा लियो जिन्हे जिन्हे लेने की दरकार

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पर्चो बाँटे दादी बैठी बैठी झुंरु के दरबार,

हाथ उठा लियो जिहने जिहने लेने की दरकार,

दादी जी की सबपे नजर है,

अपने भगत ककी रखे खबर है,

जो भी मांग ले दादी सदा त्यार,

हाथ उठा लियो जिन्हे जिन्हे लेने की दरकार.....

सांचो जग में एही को ठिकानो,

माँगन आवे सारो ज़मानो,

लेने वाला है गरेरा पर ये साँची लखदातार,

हाथ उठा लियो जिन्हे जिन्हे लेने की दरकार......

लाल चुनरी जद जद लहरावे,

सब भगता की गाडी हाले,

ो सारी दुनिया ने चलावे यही ऐसी पालनहार,

हाथ उठा लियो जिन्हे जिन्हे लेने की दरकार.......

पवन बतावे बात फ़तेह की,

याके देख ले चाहे छठे की,

नाही दिखे गई तहने ऐसी दातार,

हाथ उठा लियो जिन्हे जिन्हे लेने की दरकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।