हर जनम में मैया तेरा साथ चाहिए,

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हर जनम में मैया तेरा साथ चाहिए,

सिर पे मेरे मैया तेरा हाथ चाहिए,

सिलसिला ये टूटना नहीं चाहिए,

मुझको तो बस इतनी सौगात चाहिए,

हर जनम में मैया तेरा साथ चाहिए,

सिर पे मेरे मैया तेरा हाथ चाहिए,

मेरी आँखों में जोत तुमसे है,

मेरे जीवन में मौज तुमसे है,

रूठ सारी दुनिया तू रूठ ना रही,

मुझको तेरे प्यार की बरसात चाहिए,

हर जनम में मैया तेरा साथ चाहिए,

सिर पे मेरे मैया तेरा हाथ चाहिए,

मेरी दुनिया को तुम वसाई हो,

मेरी सांसो में तुम समाई हो,

दिन में साथ साथ तुम रहो मेरे,

सपनो में आती रहो रात चाहिए,

हर जनम में मैया तेरा साथ चाहिए,

सिर पे मेरे मैया तेरा हाथ चाहिए,

मुझपे तेरी किरपा यु कम ना है,

फिर भी छोटी सी एक तमना है,

मार ना जाए श्याम तुझे याद करके,

जीते जी तुझसे मुलाकात चाहिए,

हर जनम में मैया तेरा साथ चाहिए,

सिर पे मेरे मैया तेरा हाथ चाहिए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।