श्याम क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी रेहमत के सदके मैं जाऊ,

सिर झुका के मैं तुझको मनाऊ,

श्याम क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है,

क्या है किसी से काम तुझे देखने के बाद,

मेरी जुबा मेरा नाम तुझे देखने के बाद,

मुझसे खफा क्यों श्याम,

श्याम क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है

मेरी कश्ती ववर से निकालो मैं हु मुश्किल में आकर संभालो,

ऐसा ना हो के मैं दुभ जाओ तेरे जैसा ना माजी मैं पाउ,

श्याम क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है

बड़ी शिकदत से तुमको पुकारा तेरे रहते मैं क्यों बेसहारा,

हाल दिल इस तरह मैं बाताओ मैं तो अश्को में बहती ही जाऊ,

श्याम क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है.......

मेरे जख्मो पे मरहम लगा दे,

तेरी सुरभि की बिगड़ी बना दे,

कहता चोखानी क्या क्या सुनाऊ,

तेरी खिदमत में खुद को मिटाऊ,

श्याम क्यूँ मुझसे ख़फ़ा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।