श्याम जी विपदा क्यों सताती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम जी विपदा क्यों सताती है,

मुश्किलों में जान जाती है,

कोई ना जिनका वो किसको सुनाये,

हालत अपने वो किसको दिखाए,

हर ख़ुशी दर से लौट जाती है,

मुश्किलों में जान जाती है,

श्याम जी विपदा क्यों सताती है,

हर अगले कदम पे है गम के मारे,

कोई ना उनका है बेसहारे,

गर्गशी उनको मुँह चिढ़ाती है,

मुश्किलों में जान जाती है,

जिनको नहीं है तेरा सहारा,

किनारे पे बैठा डूबा वेचारा,

जिंदगी हार मान जाती है,

मुश्किलों में जान जाती है,

जितनी बड़ी हो विपदा की घड़ियाँ,

आशा की बाबा टूटे न कड़ियाँ ,

ये आस ही बाजी हर जीता ती है,

तुझसे ही श्याम ये मिलाती है,

मुश्किलों में जान जाती है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।