मुझे गम नही इस बात का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे ग़म नही इस बात का साया भी ना मेरे संग है,

मुझे गर्व है इस बात का मेरा सांवरा मेरे संग है

सुख हो दुख चाहे हस के सहता हु,

जैसे रखता ये वैसे रहता हूं ,

जो भी दिल मे हो इनसे कहता हूं,

जो भी दिल मे हो इनसे कहता हूं ,

मुझे गम नही इस बात का ये जहां करे मुझे तंग है

मुझे गर्व है बात का मेरा सांवरा मेरे संग है,

प्रेम की भाषा ये समझता है,

मेरे भावो को ये ही पड़ता है,

मेरी खातिर ये सबसे लड़ता है,

मेरी खातिर ये सबसे लड़ता है,

मुझे गम नही इस बात का जीवन कटी सी पपतंग है,

मुझे गर्व ह इस बात का मेरा सांवरा मेरे संग है,

सोचता हूं मुझमे क्या देखा,

पल में बदला है भाग्य का लेखा,

मोहित संवरी है कर्मो की रेखा,

मोहित संवरी है कर्मो की रेखा,

मुझे गम नही इस बात का मुझे देख के सब दंग है,

मुझे गर्व है इस बात का मेरा सांवरा मेरे संग है,

मुझे गम नही इस बात का साया भी ना मेरे संग है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।