मेरे साँवरे तूने ही खाली झोली भरी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सँवारे मेरे सँवारे

मेरे साँवरे तूने ही खाली झोली भरी है,

झोली में सारी खुशिया भरी है मेरे सँवारे,

जबसे तेरी चौकठ की मिटी पाई है,

किरपा की बरसात तूने यु बरसाई है,

यहाँ देखु मुझे तेरी किरपा दिखी है,

मेरे साँवरे ....

हर पल साया बन कर तू साथ चले मेरे,

कोई मुश्किल हो सिर पर हाथ धरे मेरे,

बिन तेरे मेरा जग में मोल नहीं है,

मेरे साँवरे....

रखले मुझको खाटू में अब अपना कह कर,

शर्मा उम्र बितायेगा बस तेरा होक,

अब जीना है खाटू में मरना भी यही है ,

मेरे साँवरे ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।