केवल शीश है खाटू में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

केवल शीश है खाटू में है ये झूठी बात,

मेरी हर ख़ुशी के पीछे है श्याम तुम्हारा हाथ,

टूटी फूटी कुटिया को तूने सजाया हाथो से,

ख़ुशी का तिनका चुन चुन कर के श्याम लगाया हाथो से,

तेरी हाथो से चलते है घर मेरा आवार,

केवल शीश है खाटू में....

हाथ है तेरा सिर पे बाबा ये एहसास होता है,

सिर पे जब तू ऊँगली फिराए ये विश्वास होता है,

मेरा हाथ पकड़ के बाबा चलता तू मेरी साथ,

केवल शीश है खाटू में.......

हाथ में लेकर मोरछड़ी वो चमत्कार दिखाया है,

लगा के झाड़ा मोरछड़ी का मुर्दे को भी नचाया है,

बाबा तेरे हाथ के जैसा नहीं हाथ कोई है यहाँ,

केवल शीश है खाटू में....

जब भी ठोकर खाया बाबा जब भी लड़खड़ाया मैं,

बनवारी लगा जोर का ढाका फिर भी गिर ना पाया मैं,

तेरे हाथो का सहारा बाबा है मुझको या,

केवल शीश है खाटू में....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।