मेरे श्याम के दर देर है अन्धेर नहीं है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देता है सभको श्याम किसे से वैर नहीं है,

मेरे श्याम के दर देर है अन्धेर नहीं है,

लेता है ये परीक्षा जब तक है इसकी इशा,

गबराता है क्यों प्यारे काल छोड़ देगा पीछा,

सांचा निभाए प्रेम हेर फेर नही है,

मेरे श्याम के दर देर है अन्धेर नहीं है.....

ना कोई पाठ पूजा मानव धर्म निभाओ,

गिरते को तुम सम्बलो जोत प्रेम की जलाओ,

रहमत की होगी वर्षा फिर तो देर नही है,

मेरे श्याम के दर देर है अन्धेर नहीं है........

रखता दया की द्रिष्टि मेरा हारे का सहारा,

मा सावाय्म पराजित है यही इसका नारा,

हमदर्द सांवरिया ये कोई गैर नही है,

मेरे श्याम के दर देर है अन्धेर नहीं है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।