क्यों चुप बैठे हो लगता है कुछ है माजरा,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्यों चुप बैठे हो लगता है कुछ है माजरा,

कुछ तुम बोलो कुछ हम बोले ओ संवारा,

है तेरे नाम की मस्ती में दिल बावरा ओ संवारा,

क्यों चुप बैठे हो लगता है कुछ है माजरा,

दो चार कदम पे तुम हो दो चार कदम पे हम है,

बस इतनी सी दुरी है फिर ख़तम हुए सब हम है,

हर पल दिल में रहते हो ओ संवारा,

क्यों चुप बैठे हो लगता है कुछ है माजरा,

कैसी ये प्रीत वडाई कब से है रीत चलाई

जैसे ही मुरली बजाते राधा डोरही आई,

तुम आज भी वोही जादूगर हो ओ संवारा,

क्यों चुप बैठे हो लगता है कुछ है माजरा,

ऐसा है एक एक प्रेमी हर पल वो तुझपे मिटा है,

आकाश में सुना पण था तेरी प्यार की छाई खता है,

अब संवारा बस संवारा ओ संवारा,

क्यों चुप बैठे हो लगता है कुछ है माजरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।