कृपा तेरी अगर जो ना होती साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृपा तेरी अगर जो ना होती साँवरे,

रात दिन अखियां यु ही ये रोती सँवारे,

थक गई ज़िंदगी पाप धोते होये,

आंखे पथरा गई बाट जोते हुए,

मेहरबानी अगर जो न होती सँवारे,

रात दिन अखियां युही ये रोती सँवारे,

अपनी तकदीर से हम परेशान थे,

क्या से क्या हो गया देख हैरान थे,

किस्मत जो रंग लाइ ना होती सँवारे,

रात दिन अखियां युही ये रोती सँवारे,

मुझको औकात से जयदा तुमने दिया,

मोहित की भूल को माफ़ तुमने किया,

रेहमत तेरी अगर जो ना होती सँवारे,

रात दिन अखियां युही ये रोती सँवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।