बाबा तेरे दर से रिश्ता पुराना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तेरे दर से रिश्ता पुराना है,

हर ग्यारस में मुझे तेरे दर पे आना है

सँवारे छूटे न डोर सँवारे,

सँवारे दूजी न थॉर सँवारे,

मेरे ख्यालो में तुम रोज आते हो,

बाहो को फेहलाकर मुझे गल्ले लगते हो,

तुम को हकीकत में अपना बनाना है,

हर ग्यारस में मुझे तेरे दर पे आना है

सँवारे छूटे न डोर सँवारे,.........

खुशियों का हर लम्हा तेरी बदौलत है,

तेरा प्यार ही बाबा जीवन की दौलत है,

चरणों में अब तेरे जीवन बिताना है,

हर ग्यारस में मुझे तेरे दर पे आना है

सँवारे छूटे न डोर सँवारे,.........

जो काम दिया तूने वही कर्म है मेरा,

तेरी सेवा ही बाबा अब धर्म है मेरा,

तेरे एक इशारे पे सब कुछ लूटना है,

हर ग्यारस में मुझे तेरे दर पे आना है

सँवारे छूटे न डोर सँवारे,.........

वैसे तू नैनो में हर पल रहता पर ग्यारस में बाबा कुछ ख़ास लगता है,

सोनू गिनी हर दम रिश्ता निभाना है,

हर ग्यारस में मुझे तेरे दर पे आना है

सँवारे छूटे न डोर सँवारे,.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।