साथ ये छूटे ना श्याम तू रूठे न

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी सेवा की सावरिया चाहू मैं सोगात,

थामे रहना तू जीवन भर बाबा मेरा हाथ,

साथ ये छूटे ना श्याम तू रूठे न,

तेरी रेहमत से ही पाया मैंने इतना प्यार ढूंढे से भी नहीं मिले गए तुझ जैसा दातार,

बिन बोले तू पद रहता है मेरे दिल की बात,

थामे रहना तू जीवन भर बाबा मेरा हाथ,

साथ ये छूटे ना श्याम तू रूठे न,

जीवन पद पे गम की धुप को जब मैं सेह न पाया,

तूने आकर करदी बाबा शीतल प्रेम की छाया,

उमड़ उमड़ कर करदी तूने खुशियों की बरसात,

थामे रहना तू जीवन भर बाबा मेरा हाथ,

साथ ये छूटे ना श्याम तू रूठे न,

तुम बिन कैसे जीवन नैया होगी भव से पार,

छोड़ गया जो बीच बावर में तू मेरी पतवार,

तुमसे कहा छुपे है बाबा गिनी के हालत,

थामे रहना तुम जीवन भर बाबा मेरा हाथ,

साथ ये छूटे ना श्याम तू रूठे न,

मात पिता तुम मेरे बाबा तू ही मेरा यार,

तुझ बिन मेरा कौन यहाँ पे तू मेरा परिवार,

तुमसे जुड़े हुए है बाबा सोनू के जज्बाद,

थामे रहना तू जीवन भर बाबा मेरा हाथ,

साथ ये छूटे ना श्याम तू रूठे न,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।