पलकों का घर तयार संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी अखियाँ करे इन्तजार संवारे,

पलकों का घर तयार संवारे,

आँखों के अशुवन जल से तेरे चरण पखारू गा मैं,

पलकों की कंधी से तेरे बाल सवारू गा मैं,

मौका सेवा का दे एक बार संवारे,

पलकों का घर तयार संवारे,

पुतली के दरबाजे उपर पलकों का है पहरा,

प्रेम है निस्वार्थ है हमारा सागर सा है गहरा,

हम तेरे हुए तलब गार संवारे,

पलकों का घर तयार संवारे,

बड़े भाव से बड़े चाव से तेरा लाड करे गये,

जहा रखो गे कदम कन्हिया वाही पे हाथ रखे गये,

ख्वाइश पूरी करो एक बार संवारे,

पलकों का घर तयार संवारे,

महलो जैसे ठाट नही घर देखने तो आओ,

रहना ना चाहो कम से कम आजमाने तो आयो,

मोहित दिल से करे मनो हार संवारे,

पलकों का घर तयार संवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।