मन सतगुरु सतगुरु बोल

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मन सतगुरु सतगुरु बोल तेरा नही लगेगा मोल,

दस बीस कोस मै चलना पग समझ समझ कर धरना,

मत कर मन मै मरोङ

मन मेरा एक घोङा घोङा संग पांच बछेरा,

पांचा की लगाम मरोङ,

मन सतगुरु सतगुरु बोल....

माया है माहा ठगणी इन कोई मत समझो अपनी,

माया से मुखङा मरोङ

मन सतगुरु सतगुरु बोल...

दास कबीर सा गावे’ भिन भिन्न कह समझावे,

गूरू चरणा चित खोल,

मन सतगुरु सतगुरु बोल....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।