जग विच धुमा तेरिया जगदम्बे माँ

-अमित शालू जी
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जग विच धुमा तेरिया जगदम्बे माँ ॥

सुण लै माँ दो गल्ला , कोल वैह के मेरिया

जग विच………

माँ वैष्णो मेरी वी तू बेड़ी तार दे,

मैं बछड़ा माँ तेरा मावां वाला प्यार दे ॥

सुण लै मेरी माँ दुहाई ॥, या तू ठोकर मार दे,

जग विच………

विच काँगड़ा मंदिर तेरा सझदा पेया ,

कोई न मुढ़िया खाली जेहड़ा दर ते आ गया ॥

शक्ति वी भगती वी ॥,मेरी दाती वी मिले

जग विच…..

माँ वैष्णो जग मग तेरी जोत जगे ,

बड़े बड़े अपराधी तेरे चरणी आ लगे ॥

कर सनान गंगा बाण ॥, ऐथे हर कोई तर गया,

जग विच............

स्वर:-अमित शालू जी

फगवाड़े वाले

मोबाईल नंबर:-9041597298 ,9815288616

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।