॥ पावन पाठ ॥
आओ आओ ने मेरे खाटू वाले श्याम,
जगराता तेरा हों लगाया,
भगता ने तेरी जोत जगा दी आके दर्श दिखो रे,
कबके बाबा बात निहारा जल्दी करके आओं रे,
तेरे चरना में धरा सच्चा ध्यान,
जगराता तेरा हों लगाया....
सच्चा है दरबार तुम्हारा जाने दुनिया सारी जी,
छपन भोग धरे मेरे बाबा आके भोग लगाऊ जी,
तेरी सेवा करे नर नार,
जगराता तेरा हों लगाया....
हारे का तू सहारा बाबा सबका साथ निभता है,
जो भी तेरे दर पे आये उसको गल्ले लगता है,
तेरी हो रही जय जय कार,
जगराता तेरा हों लगाया....
सुनीत शर्मा जो तेरा दीवाना तेरी महिमा गावे से,
तेरी किरपा होगी तेरे भजन सुनावे से,
यु तो तेरा करे गुणगान,
जगराता तेरा हों लगाया