हे गजमुख गनपत गणनायक

पारंपरिक
श्री गणेश मंत्र गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हे गजमुख गनपत गणनायक,

करते हैं हम सब तेरी वंदना,

तेरे दर पे झोली फैलाये खड़े,

पूरी करो अब हर एक कामना,

हे गजमुख गनपत गणनायक......

हे गोरी सूत है शिव नंदन,

आओ तुम्हारा है अभीनंदन,

देवों मई हो प्रथम पूज्य तुम,

तुम को प्रभु है प्रथम निमंत्रण,

कारज पुरे कर दो सारे,

मंगलमई है है सुखाकरी,

तुमको पूजे दुनिया सारी,

हे रिधि सीधी के स्वामी,

देखके हम सब राह तिहारी,

तेरी किरपा जो हो जाए ताऊ,

विघ्नों से ना हो फिर सामना,

हे गजमुख गनपत गणनायक.....

लाडू का तुमे भोग लगाये,

पान सुपारी भेंट चदाये,

सुंदर छवि है गजमुख धरी,

वाहन मूषक तुम को भये,

तुम को लगें भक्त वो प्यारे हैं,

हे गजमुख गनपत गणनायक.....

Written and sung n composed by. .....

Mukesh arora. ....amritsar

दीवाना Bhole Baba ji ka

9855245399

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।