दिल दिया गल्ला करा तेरे नाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दिल दिया गल्ला करा तेरे नाल,

तू होवे सामने मैं होवा चरणा नाल,

तेरे नाल मेरी मुलाकात हो जावे,

मेहरा दी फिर बरसात हो जावे ॥

कर दर्शन में होवा निहाल,

तू होवे सामने में होवा चरणा नाल,

दिल दिया गल्ला करा तेरे नाल,

जनमा दी आस मेरी पूरी कर दे ,

खाली मेरी झोली भक्ति नाल भर दे,

कर दाती कृपा मैं होवा निहाल,

तू होवे सामने में होवा चरणा नाल,

दिल दिया गल्ला करा तेरे नाल,

मेरी वी कमाई ऐनी ऊंची होवे,

तेरी सेवा विच तान मन खोवे,

दास दी विनती करो स्वीकार,

तू होवे दातिए मैं होवा चरणा नाल,

दिल दिया गल्ला करा तेरे नाल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।