जय हो गणेश

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय हो गणेश, तेरी जय हो गणेश

माता है गौरां, पिता है महेश

जय हो गणेश, तेरी जय हो गणेश

तेज तुम्हारा, चम चम चमके

चम चम चमके जी, चम चम चमके

हे गणराजा, चम चम चमके

चम चम चमके जी, चम चम चमके

जैसे गगन में, चमके दिनेश

जय हो गणेश,,,,,,,,,,,,,,,,,,

हे सुखदायक, विघ्न हर्ता

विघ्न हर्ता जी, विघ्न हर्ता

हे गणनायक, विघ्न हर्ता

विघ्न हर्ता जी, विघ्न हर्ता

मोरे भी स्वामी, काटो क्लेश

जय हो गणेश,,,,,,,,,,,,,,,,,,

पाप भर से, पृथ्वी को उभारो

पृथ्वी को उभारो जी, पृथ्वी को उभारो

हे लम्बोदर, पृथ्वी को उभारो

पृथ्वी को उभारो जी, पृथ्वी को उभारो

अर्ज़ी लगा रहे, तुमसे ये शेष

जय हो गणेश,,,,,,,,,,,,,,,,,,

अपलोड कर्ता- अनिल भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।