पर्दा ना कर पुजारी दिखने

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पर्दा ना कर पुजारी दिखने दे राधा प्यारी,

मेरे पास वक्त कम है और बात है ढेर सारी,

कहने दे मुझको मेरे मन में जो चल रहा है,

एक आस के सहारे जीवन निकल रहा है,

बड़ी मुश्किल को सेह कर आई है मेरी बारी,

पर्दा ना.......

जग ने जो तीर मारे मै थक के गिर पड़ी थी,

जब होश आयी मुझको श्यामा सामने खड़ी थी,

फिर हाथ ऐसा थामा चडी नाम की खुमारी,

पर्दा ना......

भव सिंधु में गिरी थी कैसे मुझे उबारा,

मैं खुद नहीं हूँ आयी इनका हुआ इशारा,

क्या क्या सुनाये तुमको हरिदास ये बिचारी,

पर्दा ना........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।