मेरे शंकारा भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे शंकारा भोले नाथ,

तू करीब है भक्तो के ये नसीब है भक्तो के ॥

शंकारा भोले नाथ ....

अंग में बस्म रमाये,

डम डम डमरू बजाये,

तेरी शान है सबसे नयारी हे बाबा विष धारी,

मस्ती में नंदी झूमे मस्ती जो दे है तूने,

तेरी किरपा से है संसार तेरा भोलेनाथ,

मेरे शंकारा भोले नाथ....

क्या बात तेरे त्रिशूल की तेरे पास माफ़ी हमारी भूल की,

हम अनजान है समज ना कोई करते है हर्जोई,

तुम तो हो अंतर यामी हम मुरख कल कामी,

पाप व गुनाहों से है जीवन भरा,

मेरे शंकारा भोले नाथ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।