पहले तुझे मनाऊँ

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

पहले तुझे मनाऊँ, भक्ति मैं तेरी पाऊँ,

होगी दया जो तेरी, बिगड़ी बनेगी मेरी ॥

जय हो जय हे गणपति, जय सुर-नायक भयहारी ॥

दया करो हे सिद्धि प्रदाता, दुःखिया शरण तिहारी,

गजमुख तुझे मनाऊँ, भक्ति मैं तेरी पाऊँ,

होगी दया जो तेरी, बिगड़ी बनेगी मेरी,

मन-ही-मन सोचूँ सदा, प्रभु कैसे हो दीदार ॥

अबला हूँ मैं पुत्र-विहीना, रो-रो करत पुकार,

किसकी शरण में जाऊँ, भक्ति मैं तेरी पाऊँ,

होगी दया जो तेरी, बिगड़ी बनेगी मेरी,

तूने दुःख सबके हरे, हे सिद्धि-सदन गणनायक,॥

भर दे झोली, दीन-दुःखी मैं, सुर-सेवित सुरनायक,

चरणों में सिर नवाऊँ, भक्ति मैं तेरी पाऊँ,

होगी दया जो तेरी, बिगड़ी बनेगी मेरी,

पहले तुझे मनाऊँ, भक्ति मैं तेरी पाऊँ,

होगी दया जो तेरी, बिगड़ी बनेगी मेरी,

(गीत रचना- अशोक कुमार खरे)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।