जिस हाल में जिस

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जिस हाल में जिस देश मे जिस वेस में रहो ॥

हरी ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐहरि कहो ॥

जिस हाल में.........

जिस योग में जिस भोग में जिस रोग में रहो ॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो ॥

जिस हाल में..........

जिस ग्राम में जिस नाम में जिस धाम में रहो ॥

हरी ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो ॥

जिस हाल में.........

जिस रंग में जिस ढंग में जिस संग में रहो ॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो ॥

जिस हाल में..........

परिवार में व्यवहार में संसार मे रहो ॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो ॥

जिस हाल में.........

आराम में सम्मान में अपमान में रो ॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो ॥

जिस हाल में.........

जिस ज्ञान में जिस द्ययान में जिस मान में रहो ॥

हरी ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो ॥

जिस हाल में..........

इस लोक में उस लोक में जिस पर लोक में रहो ॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो॥

जिस हाल में..........

जिस सेवा में जिस मेवा में जिस त्याग में रहो॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरी ॐ हरी कहो॥

जिस हाल में..........

जिस आह में जिस वाह में जिस भाव में रहो॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो॥

जिस हाल में.........

जिस राह में जिस जात में जिस बात में रहो॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो॥

जिस हाल में.........

जिस मेला में जिस रेला में जिस ठेला में रहो॥

हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि हरि ॐ हरि कहो॥

जिस हाल में............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।