आ लौट के आजा मेरे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ, लौट के आजा मेरे श्याम,

आ, लौट के आजा मेरे श्याम, तुझे ब्रजवाम बुलाती हैं,

तेरा सूना पड़ा रे ब्रजधाम, तेरा सूना पड़ा रे ब्रजधाम,

तुझे ब्रजवाम बुलाती हैं, आ, लौट के आजा मेरे श्याम,

यमुना अगम, रोये छैयाँ कदम, तेरा कैसा धर्म रोती राधा ॥

चंदा गगन, बरसाये अगन, दूर कैसे मिलन की हो बाधा,

अब तूँही बता रे घनश्याम, अब तूँही बता रे घनश्याम,

तुझे ब्रजवाम बुलाती हैं, आ, लौट के आजा मेरे श्याम,

रोती है मैया, आजा कन्हैया, तूँ दूर मैया से ना जा ॥

रोते हैं बाबा, ओ ब्रज के राजा, रोती है ब्रजरज तूँ आजा,

सब ले-ले पुकारें तेरा नाम, सब ले-ले पुकारें तेरा नाम,

तुझे ब्रजवाम बुलाती हैं, आ, लौट के आजा मेरे श्याम,

तुझे ब्रजवाम बुलाती हैं,

तेरा सूना पड़ा रे ब्रजधाम, तेरा सूना पड़ा रे ब्रजधाम,

तुझे ब्रजवाम बुलाती हैं, आ, लौट के आजा मेरे श्याम,

गीत रचना- अशोक कुमार खरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।