श्याम याद आता मुझे श्याम याद आता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साल में महिना जब फागुन का आता,

श्याम याद आता मुझे श्याम याद आता,

ढोलक नगाड़े बजने लगते है,

कोई मुझे रोको कोई मुझे तोको न मैं हु दीवाना,

अरे पग में बांधे गुनगुरु जब बजता हु,

ताने कसता है मुझ पे हस्ता है जालिम जमाना,

रंग श्याम सांवले का ऐसा चड़ा जाता,

श्याम याद आता मुझे श्याम याद आता,

रंगगिला मौसम जो आये ललचे मन मेरा ,

कैसे नगरिया हम बाबा की जाए,

अखियो में खाटू का नजारा सामने आते ही अजब की मस्ती मेरे मन में छाए,

इतंजार में ही पूरा साल बीत जाता,

श्याम याद आता मुझे श्याम याद आता,

श्याम सुंदर माल भी लुटते है अपने खजाने से कोई बहाने से बनके तुम्हारे,

तनखा पुरे साल की देते है कुछ भी ना लेते है,

बाँट ते रहते है श्याम हमारे,

इतर इतना महक ता ले जग महक जाता,

श्याम याद आता मुझे श्याम याद आता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।