तारण आ गई तारणहार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तारण आ गई तारणहार सब दे वैड़े करेगी पार ॥

भगता दे घर जगराता ॥ गूंजे जय जय कर

तारण जय हो जय हो...

तारण.......

भगता माँ दा भवन बनाया ॥

शारदा दे नाल उस न सजाया ॥

विच मैया दी मूरत लाई,विच दाती दी मूरत लाई,

करके हार सिंगर तारण

जय हो जय हो

तारण आ गई.......

प्रिथमे आद गणेश मनाया ॥

माँ दे चरनी ध्यान लगाया ॥

रल मिल सरे भगत प्यारे ॥

करदे मंगला चार तारण

जय हो..... जय हो …….

तारण आ गई......

नूर चंन नालो माँ डा शोना ॥

भगता नू आज दर्शन होना ॥

रूह खुश होनी गौरव सब दी ॥

पौणा जदो दीदार तारण......

जय हो..... जय हो …….

तारण आ गई.....................

सिंगर-अमित शालू की

फगवाड़े वाले

मोबईल नंबर -9041597298 ,9815288616

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।