खोल दो बिहारी जी

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खोल दो बिहारी जी अपने मंदिर का गेट,

तेरे दर्शन को आया फूल श्रधा के लाया,

तेरी कर रहा कब से वेट,

खोल दो बिहारी जी अपने मंदिर का गेट......

बांके बिहारी इतना ना सताओ,

हम को भी चरणों से लगाओ,

करदो किरपा हे गिरधारी,

तू है दाता मैं भिखारी,

आई तुझसे मिलन की ये तेर,

खोल दो बिहारी जी .....

हम तो दीवाने तेरे बन बेठे प्यारे,

चोकाथ पे तेरी अब आ बेठे प्यारे,

हम तो तेरे चाहने वाले कर दिया जीवन तेरे हवाले,

चित्र वचित्र के सांवरिया सेठ,

खोल दो बिहारी जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।