तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया

श्री देवकी नन्दन ठाकुर जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,

मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया।

ओड़ के आई मैं तो लाल चुनारिया,

मटकी उठा के मैं तो बन गयी गुजरिया।

मैं तो कर आई सोला श्रृंगार रसिया,

मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥

तेरे पीछे मैं तो आई अकेली,

बड़े गोप की नयी नवेली।

आई हूँ करने मनोहार रसिया,

मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥

जब से लगी है तेरी लगनवा,

बिसर गयो मोहे घर आंगनवा।

मैं तो छोड़ आई सारा संसार रसिया,

मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।