हम बरसाने वाले है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम बरसाने वाले है, हम बरसाने वाले है,

सारी दुनिया से अपने अंदाज निराले है,

मेरी श्यामा की चौखट,

सदा रहता यहाँ नटखट,

हाथ जिस सर पर धरती,

श्याम अपनाता झटपट,

श्री राधे राधे गाए,

वो मोहन के मन भाए,

जिसे लाडली बुलाती,

वो ही बरसाना आये,

अपनाये जाते ना,

दिल से बुलाने वाले है,

हम बरसाने वाले है.......

अटा बरसाने वाली,

तीन लोको से न्यारी,

उदा दोनों को पसारे,

किरपा बरसने वाली,

काहा श्याम आप विराजे,

संकट भक्तो के काजे,

जहा नित आंदन बरसे,

ख़ुशी के नित बादल गरजे,

दर न किसी का अब न गब्राने वाले है,

हम बरसाने वाले है.......

हे श्यामा श्याम की जोड़ी,

है चंदा एक चकोरी,

पूनम में मिलते दोनो,

प्रेम की साखरी खोरी,

अखियाँ दो श्याम मिलये,

मुदा पर दे छिप जाये,

नैन श्यामा भी मिलाती नैन पलके विशाए,

वो वाली सबका कण कण में समजाने वाले है,

हम बरसाने वाले है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।