तेरे कारण तेरे कारण

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे कारण तेरे कारण,तेरे कारण तेरे कारण,

सारा दुःख सह लिया पर तेरा सुमरिन किया,

सुख दुःख दोनों के समज के अपना जीवन किया रे कन्हिया,

तेरे कारण तेरे कारण.....

मीरा थी तेरी दीवानी बेशक महलो की रानी,

पर तेरे नाम लिखी थी उसने अपनी जिंदगानी,

राना ने विष दिया और ख़ुशी ख़ुशी पी लिया,

अमर हो गी मीरा बाई ऐसा जीवन जेया रे कन्हिया,

तेरे कारण तेरे कारण......

माया से मुख था मोड़ा पर तेरा नाम ना छोड़ा,

दुनिया का छोड़ भरोसा पटका तेरे नाम का ओडा,

ऐसा खेला किया और तेरा सहारा लिया,

दुनिया की भी खुल गई आंखे ऐसा बात भर दिया रे कन्हिया,

तेरे कारण तेरे कारण.......

जब से अपने जीवन में हम ने तुमको अपनाया,

दुःख को सुख कर दिया पल में ये सब है तेरी माया,

ऊ जादूगर पिया तूने कैसा जादू किया,

श्याम सुंदर भी गुण गाये तेरा तुम से जीवन लिया रे कन्हिया,

तेरे कारण तेरे कारण....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।