उसे डर काहे का.

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुन अंजनी के लाला हे हनुमत हे बाला,

जिस का तू रखवाला उसे डर काहे का राम गुण गाये जा,

तुझसे बजरंगी जो भी दिल से भुलये उसको तू सदा हर गम से बचाए,

संकट हरने वाला मंगल करने वाला,वो है राम भक्त मतवाला,

उसे डर काहे का..........

नाम तेरे से पापी थर थर कांपे बुरी उम्मीद से ना कभी कोई झांके,

मैं भी सेवक हु तेरा दुःख दर्दो ने गेरा जब साथ मिले तेरा,

उसे डर काहे का..........

नूर जॉली पर कर रहम की निगाहें देखे बगात दिन रात तेरी राहे,

तेरे प्यार के सागर से दो बूंद ही मिल जाये,

जिसे बाबा तू अपना बडाये,

उसे डर काहे का..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।