सब देयो बधाईयाँ नी सहेलियो नी सहेलियो

पारंपरिक
अन्य गुरु वाणी गुरुदेव भजन guru-vani
॥ पावन पाठ ॥

सब देयो बधाईयाँ नी सहेलियो नी सहेलियो,

रब सतगुरु बन आया,

ओंदा सोणा नूरी मुख सईयों,

कर दर्शन लैंदी भुख सईयों ॥

ओ सबदे सुणदा दुख सईयों,

ओने सब नू गल लाया,

सब देयो बधाईयाँ नी .....

जेड़ा दर आवे ओ तरदा ऐ,

खाली झोली सबदी भरदा ऐ ॥

ओ सबदे दुखड़े हरदा ऐ,

बन वाली जग दा आया,

सब देयो बधाईयाँ नी.......

ओंदा खुलया भंडारा रेंदा ऐ,

ओनू हर कोई दाता कैंदा ऐ ॥

ओ सबदे अंग संग रैंदा ऐ,

ओदा भेद किसे ना पाया.

सब देयो बधाईयाँ नी........

आज रोशन चार चफेरा ऐ,

किता जग च दूर हनेरा ऐ ॥

विच ब्यासा लाया डेरा ऐ,

ओ जग नू तारण आया,

सब देयो बधाईयाँ नी ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।