कैसा हो गर मंदिर तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनले बाबा बात मेरी कानो में तेरे पड़ जाये,

कैसा हो गर मंदिर तेरा और थोरा सा बड जाये ॥

श्याम प्रभु तेरे प्रेमियों का करते हम सम्मान है,

पर विस्तार हो मंदिर का ये हम सबका अरमान है,

एसे हो दर्शन के हर प्रेमी खुश हो कर के जाए,

कैसा हो गर मंदिर तेरा ...........

तू भी देख सके हमको और हम भी तुझको देख सके,

इतना बड़ा हो मंद की हम झुक के माथा टेक सके,

ले फटकारा मोरछड़ी का बात हमारी बन जाए,

कैसा हो गर मंदिर तेरा .............

आओ मिलकर कदम बडाये ले जैकारा श्याम का,

राज जो इतना कर ना सके तो प्रेमी किस काम का,

क्या कुछ ना हो सकता अगर प्रेमी जीद पे अड़ जाए,

कैसा हो गर मंदिर तेरा .............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।